

हमारी कहानी
भारतीय स्कूलों के भीतर बिताए वर्षों से जन्मी
मॉडर्नएरा की शुरुआत एक सरल अवलोकन से हुई। पूरे भारत में उत्साही लोग बड़े सपनों के साथ स्कूल शुरू कर रहे थे, लेकिन मार्गदर्शन बहुत कम था, और वे अनुमतियों, भर्ती और प्रवेश से जुड़े महँगे सबक कठिन तरीके से सीख रहे थे।
हमने वह साझेदार बनने का निश्चय किया जिसकी उन संस्थापकों को ज़रूरत थी: ऐसे लोग जिन्होंने स्कूल चलाए हैं, निरीक्षणों का सामना किया है और कक्षाएँ भरी हैं, और जो ईमानदार व व्यावहारिक सलाह देते हैं। आज हमारी टीम महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक प्रीस्कूल, K-12 स्कूल और शिक्षा समूहों का साथ देती है।
“हम जिन भी स्कूलों के साथ काम करते हैं, वे किसी के सपने से शुरू होते हैं। हमारा काम उस सपने को एक योजना, एक टीम और आगे बढ़ने का अनुशासन देना है, ताकि बच्चों को दशकों तक इसका लाभ मिले।”
हमारा मिशन
हमारे साथ काम करने वाले हर स्कूल को ऐसी जगह बनाना जहाँ बच्चे आनंद से सीखें, शिक्षक आगे बढ़ें और समुदाय भरोसा करे।
हमारी दृष्टि
ऐसा भारत जहाँ हर शहर के हर बच्चे को एक सुव्यवस्थित स्कूल मिले जो उसे बदलती दुनिया के लिए तैयार करे।
हमारे मूल्य
हर काम का मार्गदर्शन करने वाले मूल्य
बच्चे सबसे पहले
हर सुझाव को एक प्रश्न पर परखा जाता है: क्या यह बच्चों के लिए अच्छा है?
ईमानदार सलाह
हम वही कहते हैं जो वास्तव में सोचते हैं, भले ही वह आपकी उम्मीद के अनुसार न हो।
सिद्धांत से अधिक व्यवहार
विचार असली परिसरों, असली बजट और असली लोगों के साथ काम करने चाहिए।
जवाबदेही
स्पष्ट कार्यक्षेत्र, तय ज़िम्मेदार और नियमित समीक्षा। हम ख़ुद को आपके परिणामों से मापते हैं।
हमारी यात्रा
सफ़र के अहम पड़ाव
2012
मुंबई में स्थापना
मुंबई और ठाणे के स्कूलों की मदद करने वाली एक छोटी सलाहकार सेवा के रूप में शुरुआत।
2015
महाराष्ट्र के बाहर पहले स्कूल
गुजरात, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में नए स्कूल स्थापना परियोजनाएँ।
2017
नेतृत्व अकादमी की शुरुआत
"मेकिंग ऑफ़ अ परफ़ेक्ट प्रिंसिपल" कार्यक्रम का पहला बैच शुरू हुआ।
2020
महामारी में स्कूलों का साथ
हज़ारों शिक्षकों के लिए ऑनलाइन शिक्षण और अभिभावक संवाद प्रशिक्षण।
2022
NEP 2020 तैयारी कार्यक्रम
फ़ाउंडेशनल स्टेज और दक्षता-आधारित मूल्यांकन प्रशिक्षण देशभर में शुरू।
2025
28 राज्यों में स्कूल
हमारा काम अब जम्मू से कन्याकुमारी और गुजरात से असम तक के स्कूलों तक पहुँचता है।
हमारा प्रभाव
वर्षों के ज़मीनी काम को दर्शाते आँकड़े
650+
पूरे किए गए प्रोजेक्ट
28
राज्यों तक पहुँच
120+
नए स्कूल सेट-अप
210+
फ़िज़िबिलिटी अध्ययन
85+
प्रबंधन प्रोजेक्ट
140+
प्रवेश प्रोजेक्ट
900+
आयोजित वर्कशॉप
नेतृत्व
जिन लोगों के साथ आप काम करेंगे
पूर्व प्रिंसिपल, शैक्षणिक प्रमुख, प्रवेश प्रमुख और स्कूल प्रशासक, जिन्होंने यह काम ज़मीन पर किया है।
Dharmesh Chandraa
संस्थापक और निदेशक
नया स्कूल सेटअप, प्रबंधन और रणनीति
Priya Nair
प्रमुख – शिक्षण
पाठ्यक्रम, NEP 2020 और शिक्षक विकास
Arvind Kulkarni
प्रमुख – स्कूल परियोजनाएँ
अनुमतियाँ, संबद्धता और परिसर योजना
Sneha Iyer
प्रमुख – प्रवेश और डिजिटल
प्रवेश व्यवस्था और डिजिटल अभियान
मॉडर्नएरा क्यों
स्कूल प्रमुख हमारे साथ काम करना क्यों चुनते हैं
अनुभवी नेतृत्व
ऐसे सलाहकार जिन्होंने स्कूल सिर्फ़ सलाह से नहीं, ख़ुद चलाकर देखे हैं।
शुरू से अंत तक पूरा सहयोग
पहले विचार से पूरी तरह चल रहे कैंपस तक, संपर्क का एक ही व्यक्ति।
आँकड़ों पर आधारित दृष्टिकोण
बाज़ार शोध, तुलनात्मक मानकों और स्पष्ट मापदंडों पर आधारित फ़ैसले।
कई बोर्डों का अनुभव
CBSE, ICSE, IGCSE, IB और राज्य बोर्डों पर व्यावहारिक अनुभव।
बजट का सही उपयोग
समझदारी भरी योजना, ताकि हर रुपया सही जगह लगे।
सिफ़ारिश से बना भरोसा
हमारा बहुत-सा काम उन स्कूल मालिकों से आता है जो दूसरों को हमारी सिफ़ारिश करते हैं।
देशव्यापी उपस्थिति
पूरे भारत में स्कूलों के साथ
- आंध्र प्रदेश
- अरुणाचल प्रदेश
- असम
- बिहार
- छत्तीसगढ़
- गोवा
- गुजरात
- हरियाणा
- हिमाचल प्रदेश
- झारखंड
- कर्नाटक
- केरल
- मध्य प्रदेश
- महाराष्ट्र
- मणिपुर
- मेघालय
- मिज़ोरम
- नागालैंड
- ओडिशा
- पंजाब
- राजस्थान
- सिक्किम
- तमिलनाडु
- तेलंगाना
- त्रिपुरा
- उत्तर प्रदेश
- उत्तराखंड
- पश्चिम बंगाल
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
- चंडीगढ़
- दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव
- दिल्ली (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र)
- जम्मू और कश्मीर
- लद्दाख
- लक्षद्वीप
- पुदुचेरी
विशेष परामर्श
अपने प्रस्तावित स्थान पर बिज़नेस मीटिंग तय करें
हमारे वरिष्ठ सलाहकार आपकी साइट पर आएँगे, संभावनाओं का स्वयं आकलन करेंगे और आपको एक स्पष्ट कार्य-योजना समझाएँगे।
